परियोजना अनुविक्षण एवं संषोधन

परियोजना अनुविक्षण:

अनुमोदित परियोजना के अनुविक्षण की आवष्यकता को ध्यान में रखते हुए, अध्यक्ष द्वारा ऋण करार के अनुबंधों के अनुसार परियोजना की आवधिक समीक्षा के लिए बाहरी विषेशज्ञों वाली एक समिति का गठन किया जाता है। वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाला प्रत्येक छः महीने में परियोजना का प्रगति रिपोर्ट जमा करता है। परियोजना अनुविक्षण समिति (च्डब्) के रिपोर्ट को अध्यक्ष को प्रस्तुत किया जाता है । जारी परियोजना की प्रगति को आवधिक आधार पर बोर्ड के समक्ष रखा जाता है।

टीडीबी द्वारा वित्तपोशित परियोजना के समन्वयन करने वाले अधिकारी द्वारा च्डब् द्वारा अनुविक्षित प्रत्येक परियोजना पर एक विस्तृत नोट तैयार किया जायेगा। इस रिपोर्ट में परियोजना की लागत, ऋण करार हस्ताक्षर की तारीख, समय-समय पर जारी की गई सहायता और परिकल्पित उत्पाद षामिल होगा। इस रिपोर्ट में संक्षिप्त रूप में, तकनीक, वित्त एवं वाणिज्यीक पहलुओं पर टिप्पणियों सहित पीएमसी की अनुषंसा भी षामिल होगा। इस नोट को बोर्ड की बैठक के लिए एक उपयुक्त एजेंडा के रूप में षामिल किया जायेगा।

संषोधन:

उन मामलों में, जहां ऋण प्राप्तकर्ता द्वारा परियोजना अवधि विस्तार एंव उसके फलस्वरूप ऋण की अदायगी, साधारण ब्याज एवं राजस्व की अदायगी की अवधि में बढ़ोतरी का अनुरोध प्राप्त होता है, वहां अध्यक्ष द्वारा इस अनुरोध की जांच करने के लिए एक परियोजना अनुविक्षण समिति / विषेशज्ञ समिति (ब्वम्) का गठन किया जाता है।

पीएमसी/सीओई की अनुसंषा पर अध्यक्ष द्वारा एक उचित निर्णय लिया जाता है और ऋण करार में यथोचित संषोधन किया जाता है। इस तरह के मामलों की जानकारी बोर्ड को उसके अगली बैठक में दी जाती है।